यादव पंचायती मंदिर

धर्मनगरी अयोध्या में यदुवंशीय दो धाराएं एक साथ चलीं। एक तो कृष्णमय थी और दूसरी राममय। इसी कारण यादवों की पंचायतों में अपनी-अपनी धारा के पृथक-पृथक मंदिरों का निर्माण करवाया। अयोध्या के स्वर्गद्वार मोहल्ले में निर्मित अखिल भारतीय यादव वंश पंचायती मंदिर में श्रीराम दरबार को ही स्थान मिला। इस मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्तियां प्राण प्रतिष्ठित नही हैं।
यादव पंचायती मंदिर स्वर्गद्वार की स्थापना सन 1943 ई० में की गयी । गोस्वामी तुलसीदास की श्रीरामचरित मानस उस दौर में जन-जन में आशा का संचार कर रही थी। इसी कारण यादव मंदिर में भी श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण की अष्टधातु की और हनुमान की पाषाण मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गयी।