संत रविदास मंदिर

संत कबीर की परम्परा को आगे बढ़ाने में संतरविदास का उल्लेखनीय योगदान रहा । या यूं कहा जाय कि रविदास नव्य मानववाद के आरंभिक संस्थापकों में से एक थे तो अतिशयोक्ति न होगी। संत रविदास अछूतों के उद्धारक के रुप में चिर अमर हुए । उनकी धारा ने दलितों में मानववाद को पल्लवित किया जो शनैः शनैः वट वृक्ष का आकार लेती गयी।
अछूतों की बड़ी संख्या संत रविदास की प्रेरणा से राष्ट्रीय धारा में समाहित हुई और उनमें सात्विकता का संचार हुआ। इसी महान विभूति की स्मृति में अनुयायी दलितों के समूह ने अयोध्या में संत रविदास पंचायती मंदिर की स्थापना सन 1918 में की |

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