स्थानीय परम्पराएं

सम्पूर्ण विश्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के कारण अपना एक विशेष स्थान रखता है। इस सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में धार्मिक नगरी का अपना विशिष्ठ रथान है। पारम्परिक रूप से मनाये जाने वाले उत्सव व पर्व को देखने देश-विदेश से बहुत पर्यटक आते हैं, जिसमें प्रमुख प्रयाग, हरिद्वार व उज्जैन का कुम्भ मेल., प्रयाग व कुल्लू का दशहरा जगन्नाथ रथ यात्रा, वृन्दावन बरसाने की होरी, अयोध्या का रामजन्म, आदि।