हनुमान गढ़ी

हनुमान गढ़ी एक किले में स्थित है जिसका द्वार रामकोट पश्चिम दिशा में है । हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त थे । इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य ने किया था । कुछ वर्ष बाद, नवाब मंसूर अली ने एक किला इस मंदिर के बाहर बनवाया। इस किले का निर्माण टिकैत राय ने किया था । इस मंदिर में हनुमान जी की एक स्वर्ण मूर्ति स्थापित है । हनुमान गढ़ी का कार्यभार चार संतों, हरिद्वार पट्टी बसंतिया पट्टी उजैनिया पट्टी और सागर पट्टी को सौंपा गया है । इन संतों में अपना प्रमुख और उप-प्रमुख होते हैं जिंनको गद्दीनशीन कहा जाता है। इस मंदिर में श्री हनुमान जयन्ती हर्षोल्लास के साथ मनायी जाती है ।