प्राचीन ‘स्यामदेश’ की परम्परागत अवधारणा के अनुसार उसके देश की संरचना राम कथा के ही आधार पर हुई है। वे रामायण के पात्रों को अपने देश के निवासी स्वीकार करते हैं। इतना ही नहीं रामायण में वर्णित स्थल भी थाईलैण्ड में मिलते हैं। थाईलैण्ड में प्रमुख ग्रन्थ ‘राम किएन’ अर्थात ‘रामकीर्ति’ का अभिनय किया जाता है जिसमें आम जन के साथ ही साथ राज परिवार के सदस्य भी हिस्सा लेते हैं। बैंकाक की रंगशाला में प्रस्तुत होने वाली रामलीला अत्यन्त ही उत्कृष्ट एवं कलात्मक है। सच्चे अर्थों में थाईलैण्ड में भारतीय संस्कृति राम कथा के माध्यम से ही पुष्पित पल्लवित हो रही है। थाईलैण्ड में एक शहर का नाम ही अजुध्या है। थाईलैण्ड के बैंकाक शहर के बौद्ध मन्दिर की गैलरियों में रामकथा का जीवन्त चित्रण हुआ है।