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हजरत शीश पैगम्बर की दरगाह – मणि पर्वत।
अयोध्या के मणि पर्वत ऐतिहासिक टीले केपीछे आदम हौआ के बेटे हजरत शीश पैगम्बर की कब्र है। कहा जाता है। हजरत शीश पैगम्बर इस पृथ्वी पर 1300 वर्षों तक जीवित रहे और उनका स्वरुप 70 गज का था वर्तमान में इस स्थान पर आराम कर रहे है । इस स्थान पर 7 गज की इनकी कब्र है। आपके 145 औलाद हुई । उनके पूरे परिवार में सेवकों की कब्र उसी स्थान पर बनी हुई हैं । थोडी दूर से चहारदीवारी बना दी गयी है। जिसके अन्दर उनकी पत्नी बीबी हूर चार लड़के और एक बहू की भी कब्र है । अन्य कब्रें इस चहारदीवारी के बाहर है। इस परिसर में एक मस्जिद है जिसमें नमाज अदा होती है। इस स्थान पर सभी जातियों के लोग अपने पूर्वज आदम हौआ के बेटे के स्थान को देखने के लिये आते हैं और उनकें प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते है। इस स्थान की देखभाल व पैगम्बर साहब की तिमा२दारी मो० कलीम द्वारा की जाती है। इस स्थान पर शबैरात, जन्मदिन रजब की चार तारीख व मुहर्रम का ताजिया विशेष पर्व व उत्सव मनाये जाते है । हिन्दू व मुसलमान को एक सूत्र में बांधने में एक पवित्र स्थान है । इस स्थान में लगे पत्थर से फैजाबाद के प्राचीन नाम की जानकारी मिलती है । फैजाबाद का प्राचीन नाम ज्योति शरीफ था । यह नाम शेरशाहसूरी के पुत्र आदिरशाह ने रखा था । सिकन्दर लोदी ने बाद में अवध नाम रखा उसके उपरान्त बंगला और फिर बंगला बस्ती उसके उपरान्त फैजाआबाद जिसे बाद में फैजाबाद कहते हैं ।